पिछले 6 घंटे से आशीष से मजिस्ट्रेट के सामने कलमबंद बयान दर्ज किया जा रहा है। आशीष मिश्रा के साथ उनके वकील और मंत्री अजय मिश्रा टेनी के प्रतिनिधि भी अंदर मौजूद हैं। क्राइम ब्रांच के दफ्तर में एसडीएम सदर भी मौजूद हैं।

आशीष मिश्रा को थोड़ी देर में मेडिकल जांच और कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया जा सकता है, मीडिया को रोकने के लिए सिक्योरिटी बढ़ाई गई। वहीं बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी लगभग तय है।

आशीष ने दंगल में होने के वीडियो पेश किए

आशीष से 6 लोगों की टीम पूछताछ कर रही है। लखीमपुर में क्राइम ब्रांच के दफ्तर में आशीष मिश्रा से मजिस्ट्रेट के सामने सवाल-जवाब हो रहे हैं। आशीष मिश्र अपने वकील के साथ मौजूद हैं। पूछताछ में डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल और लखीमपुर के एसडीएम भी पूछताछ में शामिल हैं।

आशीष मिश्रा ने अपने पक्ष में कई वीडियो पेश किए। उन्होंने 10 लोगों के बयान का हलफनामा भी पेश किया, जो बताते हैं कि वो काफिले के साथ नहीं था, दंगल मैदान में था।

किसानों ने खोला मोर्चा

वहीं, दूसरी तरफ संयुक्त किसान मोर्चा ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने मांग की है कि को मंत्री पद से हटाने के साथ गिरफ्तार करने, आशीष मिश्रा को भी गिरफ्तार करने की मांग की है, एसकेएम ने इस घटना को लेकर आगे के कार्यक्रमों का भी ऐलान किया।

गिरफ्तारी को लेकर संशय

DIG, SP विजय ढुल मौके पर हैं। गिरफ्तारी होगी या नहीं? इस सवाल का जवाब देने से हर अधिकारी बचता नजर आया। आशीष के साथ कौन आया है? इसकी जानकारी साझा नहीं की गई है। मंत्री पिता अजय मिश्र टेनी सुबह ही अपने कार्यालय पहुंच गए थे। वहां भी काफी गहमा-गहमी है।

अजय मिश्र बोले- हम आपके साथ हैं

लखीमपुर में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने BJP दफ्तर की बालकनी में आकर समर्थकों से शांत कराया। उन्होंने कहा कि बेटा पूछताछ के लिए गया है। इस सरकार में निष्पक्ष जांच होगी। ऐसी-वैसी कोई बात नहीं है। ऐसी-वैसी कोई बात होगी तो हम आपके साथ हैं। अजय मिश्रा के इस बयान को एक तरह से गिरफ्तारी की स्थिति में सरकार के लिए चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। कार्यालय पर मौजूद समर्थकों ने कहा कि आशीष भैया दंगल में थे। घटनास्थल पर किसानों के रूप में आतंकवादी थे।

सिद्धू ने तोड़ा मौन व्रत

इधर, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिद्धू ने अपना मौन व्रत तोड़ दिया है। सिद्धू शुक्रवार को लखीमपुर पहुंचे थे। सिद्धू पहले हिंसा में मारे गए किसान लवप्रीत और फिर पत्रकार रमन के यहां पहुंचे। उन्होंने लिखकर कहा था कि जब तक केंद्रीय मंत्री का आरोपी बेटा गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता, तब तक मौन धारण कर भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे। सिद्धू करीब 20 घंटे से मौन व्रत पर थे।